इस देश ने जारी किया 10 लाख का नोट, वैल्यू 40 रुपए से भी कम, महंगाई इतनी कि मिलेंगे केवल आधा किलो चावल
देश के केंद्रीय बैंक का भंडार 50 साल में अपने निचले स्तर पर है. राजकोषीय घाटा इतना बढ़ गया कि सेंट्रल बैंक को बड़े पैमाने पर नोटों की छपाई करनी पड़ रही है.
- FAZIL ANSARI
- Updated On - 9:45 am, Sun, 14 March 21 .
- वर्तमान में वहां 10 हजार, 20 हजार और 50 हजार बोलिवर का नोट पहले से सर्कुलेशन में है.
फरवरी में देश की खुदरा महंगाई दर तीन महीने में सबसे ज्यादा 5.03 फीसदी पर पहुंच गई. ऐसे में आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि महंगाई बढ़ने से क्या-क्या हो सकता है? ये महंगाई का ही असर है कि लैटिन अमेरिका के देश वेनेजुएला (Latin America Country Venezuela) ने 10 लाख बोलिवर का नोट (10 Lakh Bolivares note) जारी किया है.
वैल्यू की बात करें तो यह महज 52 अमेरिकी सेंट (0.52डॉलर या 37 रुपए) के बराबर है. वहां के सेंट्रल बैंक के मुताबिक, महंगाई दर 2665 फीसदी पर पहुंच गई है. 6 मार्च को रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह आने वाले दिनों में 2 लाख और 5 लाख बोलिवर का नोट भी छापेगा. वर्तमान में वहां 10 हजार, 20 हजार और 50 हजार बोलिवर का नोट पहले से सर्कुलेशन में है. वैल्यू की बात करें तो 1 मिलियन बोलिवर में आधा किलो चावल ही खरीदा जा सकता है.
सेंट्रल बैंक का भंडार 50 सालों के निचले स्तर पर
वेनेजुएला में तेल का अकूत भंडार है और वह तेल उत्पादन के कारण संपन्न भी था. लेकिन पिछले सात सालों में तेल की कीमतों में आई गिरावट के साथ वहां की अर्थव्यवस्था चरमरा गई. देश के केंद्रीय बैंक का भंडार 50 साल में अपने निचले स्तर पर है. राजकोषीय घाटा इतना बढ़ गया कि सेंट्रल बैंक को बड़े पैमाने पर नोटों की छपाई करनी पड़ रही है. इसके कारण नोटों का आकार बढ़ता जा रहा है, लेकिन वैल्यू घटती जा रही है.
इकोनॉमी में आएगी 20 फीसदी की गिरावट
कोरोना वायरस लॉकडाउन और तेल से मिलने वाले पैसों के खत्म होने से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था लगातार सातवें वर्ष मंदी में है. आशंका जताई जा रही है कि इस साल के अंत तक इस देश की अर्थव्यवस्था 20 फीसदी सिकुड़ जाएगी. सरकार की 95% इनकम तेल से ही होती रही.
अमेरिका ने लगा रखा है सैंक्शन
वेनेजुएला के राष्ट्रपति का नाम निकोलस मदुरो है. वहां की सरकार अब डॉलराइजेशन (dollarization process ) की तरफ बढ़ रही है. मदुरो सरकार ने इकोनॉमी की इस हालत के लिए अमेरिकी सरकार को दोषी ठहराया है. अमेरिका ने इस मुल्क पर सैंक्शन लगा रखा है.

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